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बाबा जी का स्वर्गारोहण..

Posted On: 18 Apr, 2012 Others,मस्ती मालगाड़ी में

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आजकल हर ओर बाबाजी छाए है
मात पिता गुरु देवता इनकी उपमाये है
हो इन्टरनेट अखब़ार या समाचार
चंहु ओर बाबा जी का विस्तार
इस हॉट टोपिक का फायदा हम भी उठाते है
बाबा जी के स्वर्ग गमन की कथा सुनाते है
(इस बार सच में) मोह माया को छोड़
बाबा जी चले स्वर्ग की ओर
बिन शिष्याओं के बाबा राह में हो रहे थे बोर
तभी राह में दो जीव आते दिए दिखाई
एक शिक्षक और दूसरा था सिपाही
तीनो पहुंचे स्वर्ग के द्वार
जहाँ चित्रगुप्त कर रहे थे इंतज़ार
चित्रगुप्त बोले यहाँ आपसे कुछ प्रश्न पूछे जायेंगे
केवल सही उत्तर वाले ही अंदर जा पाएंगे
गलत उत्तर देना पड़ेगा भारी
नर्क वाले भी कर रहे स्वागत की तैयारी
बगल में जो मुस्टंडे यमदूत वेट कर रहे है
वो अपना टार्गेट सेट कर रहे है
पहला प्रश्न शिक्षक से पुछा जायेगा
फिर सैनिक और बाबा का नंबर आएगा
तो मास्टर जी संसार में ज्ञान बांटना आपका काम था
बताइए धृतराष्ट्र के कुल का क्या नाम था ??
कौरव !! मास्टर जी चिल्लाए
चित्रगुप्त बोले सही जवाब आप अंदर जाये
फिर सैनिक की बारी आई
प्रश्न था कौरव कितने थे भाई ??
सैनिक ख़ुशी से चहका सौ
चित्रगुप्त उवाच करेक्ट यू कैन गो
बाबा जी से बोले चित्रगुप्त
अब आप की बारी है ज़रा पास आइये
और एक- एक करके सबके नाम बताइए !!!!



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18 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Hannah के द्वारा
November 5, 2016

This is so great that I had to comment. I’m usually just a lurker, taking in knowledge and nodding my head in quiet approval at the good stuff…..this required written props. Theory ro¦t€Ã¢ÂsÂckhanks.

ANAND PRAVIN के द्वारा
April 19, 2012

अभी जी……………..बाबागिरी जितना पैसा और आइयाशी और कहाँ……………….जय बाबा जी की सुन्दर कविता

    abhii के द्वारा
    April 19, 2012

    जय बाबा जी की, धन्यवाद् मित्रवर

Mohd Haneef "Ankur" के द्वारा
April 19, 2012

भाई अभी जी, बाबा को आख़िरकार आपने भी लपेटे में ले ही लिया. अच्छे व्यंग के लिए बधाई स्वीकार करे.

    abhii के द्वारा
    April 19, 2012

    धन्यवाद् अंकुर जी

yogi sarswat के द्वारा
April 19, 2012

बढ़िया मित्रवर ! सब गध लिख रहे हैं आपने पद्य में लिखा ! बढ़िया लिखा

    abhii के द्वारा
    April 19, 2012

    बहुत बहुत धन्यवाद्

चन्दन राय के द्वारा
April 19, 2012

अभी भाई , आप की हास्य कविता का स्थान हास्य रचनाओं में सबसे ऊपर है बंधू , मजा आ गया , हम को कभी दर्शन भी दो प्रभु , मतलब फोटो चिपकाओ ब्लॉग पर GURUDEV

    abhii के द्वारा
    April 19, 2012

    अरे भगवन ! आपने यह क्या क्या उपमाये दे दी

yamunapathak के द्वारा
April 19, 2012

अंतिम प्रश्न पर सबसे ज्यादा हंसी और व्यंग था .बेहद प्रसंशनीय

    rajkamal के द्वारा
    April 19, 2012

    पहले तो मैं यही समझा था कि आप प्रिआंका राठोर जी को नसीहत दे रही है ….. लेकिन अब महसूस हो रहा है कि यह एक औरत कि दूसरी औरत से इर्ष्या थी ….. हा हा हा हा हा हा हा हा (वैसे वोह भी अपने माता पिता कि पूरी सपूतनी निकली – मजाल है कि एक भी कमेन्ट का उत्तर दिया हो – पता नहीं आप सही थी कि गलत –आप खुद ही सोचिये )

    abhii के द्वारा
    April 19, 2012

    आपकी प्रतिक्रिया के लिए आभार यह राज जी नीचे क्या reply कर रहे है ??

dineshaastik के द्वारा
April 19, 2012

अभी जी बहुत सुन्दर कल्पना…..

    abhii के द्वारा
    April 19, 2012

    आपका शुक्रिया

rajkamal के द्वारा
April 18, 2012

अगर सभी सुन्दर -२ शिष्याए नरक गामिनी है तो फिर बाबा जी का मौन रहना ही ठीक है ! :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :|

    abhii के द्वारा
    April 19, 2012

    इसीलिए बाबाजी जी भी नरक में ही ठिकाना बनाने की जुगत में है

ajaydubeydeoria के द्वारा
April 18, 2012

बहुत खूब अभी जी.

    abhii के द्वारा
    April 19, 2012

    धन्यवाद्


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